जागरण

हरि मंदिर में सब करें जागरण हरि गीत सब मिल हैं गा रहे रात्रि के अंधकार में भक्ति प्रकाश फैला रहे उस समय परन्तु...

शंखनाद

हैं जल रहे लोग सब, जल रही हैं खिड़कियाँ मैं आस-पास देखता, जो देखा सारा लिख दिया कहानियाँ, सब अपनी-अपनी लिख रहे मैं सच...

कोरोना-19 महामारी और श्री राम जी का पावन नाम

कोरोना-19 महामारी और श्री राम जी का पावन नाम कोरोना-19 महामारी और श्री राम जी का पावन नाम रामनवमी-2021 कोरोना-19 महामारी और श्री राम...

जन्म जयंती विशेष – क्या आज वाकई वंचित – वंचित नही है ? दलित समाज सुधारकों को सोचना नहीं चाहिए ?

बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर जी ने 70 वर्ष पूर्व संविधान लिखा था, उस समय भी और आज भी अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजातियों की...

चित्तोर का तीसरा साका

सिसक रही मेवाड़ धरा तुर्कों के अत्याचार तले ,अकबर विनाश बन कर आया संकल्प लिए चित्तौड़ जले , संख्या गणित सामन्तों ने, उदय और...

मान्यता, धर्म या सम्प्रदाय

सभी धर्मो में एक ही मान्यता हैहिन्दू इसे मोक्ष कहता हूँमुसलमान इसे जन्नत कहता हैजैन इसे निर्वाण प्राप्ति कहता हैईसाई इसे परमेशवर में विलीन...

यायावर मन

जीवन कितना क्षणभंगुर है नश्वर है क्षणिक है, सब जानते हुए भी, मानव मन एक यायावर सा इधर से उधर , सुखों की खोज में भटकता रहता है । इस कविता के माध्यम से अपन मन केे उसी आवारापन को व्यक्त करने का प्रयास किया है। आपके प्रोत्साहन की भी आकांक्षा है इस यायावर को।

हिंदुत्व की अनूठी मिसाल, गौर करने लायक वाकिया… जरूर पढ़े

हिंदुत्व की अनूठी मिसाल, गौर करने लायक वाकिया दलितों को घोड़ी पर नहीं चढ़ने दिया जाता है ऐसी फालतू बातें करके जातीय भावनाओं को...

मेरे हमवतन ‘कविता’ :जिस मिट्टी पर वारा खुदको, गुरु ने साहिबजादों को.. दगा किया उस मिट्टी से, क्यों तू भूला उनके वादों को..

ठहर जरा ! रुककर तो देख, किस पर हाथ उठाता है,गिद्धों के झांसे में आकर, अपनों का लहू बहाता है ।नफरत से अंधा है...